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Monday, December 1, 2025

टिटलागढ़: रहस्यमयी शिव मंदिर जहाँ भीषण गर्मी में लगती है ठंड

टिटलागढ़ शहर को उड़ीसा का सबसे गर्म इलाका माना जाता है। यहाँ देवबांध की कुमुडा पहाड़ी पर एक अनोखा शिव मंदिर है जहां एक प्राचीन शिवलिंग स्थापित है जिसे टिटलागढ़ शिव मंदिर (Titlagarh Shiv Mandir) के नाम से जाना जाता है।

टिटलागढ़ (Titlagarh) की इस कुम्हड़ा (कुमुडा) पहाड़ी पर पथरीली मिट्टी और चट्टानों के कारण अत्यधिक गर्मी पड़ती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि गर्मी के मौसम में भी टिटलागढ़ शिव मंदिर (Titlagarh Shiv Mandir) के अंदर गर्मी का कोई असर नहीं होता है।

टिटलागढ़, बलांगीर जिले में एक नगर पालिका क्षेत्र है और यह उड़ीसा के अन्य शहरों से सड़क और रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। टिटलागढ़ (Titlagarh) अपनी अत्यधिक गर्मी के कारण भारत में एक जाना-माना ग्रीष्मकालीन हॉटस्पॉट है और 2022 में अधिकतम तापमान वाले शीर्ष 10 भारतीय शहरों में से एक था।

टिटलागढ़ शिव मंदिर (Amazing facts of Titlagarh Shiv Mandir)

ओडिशा भारत में प्रसिद्ध हिन्दू मंदिरों और अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहाँ कई प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर भी स्थित हैं, जो भक्तों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ऐसा ही एक रहस्यमयी मंदिर टिटलागढ़ में कुम्हड़ा (कुमुडा) पहाड़ी पर स्थित है। यह भगवान शिव का मंदिर है, जो अपनी अनूठी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ मंदिर के बाहर चाहे कितनी भी गर्मी हो, अंदर हमेशा ठंडक बनी रहती है।

हालांकि यह वातावरण केवल मंदिर परिसर तक ही रहता है। बाहर आते ही प्रचंड गर्मी परेशान करने लगती है। मंदिर के बाहर गर्मी का भयानक रूप और मंदिर के अंदर इतनी ज्‍यादा ठंड, इस रहस्‍य को जानने के लिए काफी कोशिशें भी की गईं लेकिन, कोई परिणाम नहीं मिल सका। यह विषय आज भी टिटलागढ़ शिव मंदिर (Titlagarh Shiv Mandir) के  रहस्‍य के रूप में बना हुआ है। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक मंदिर में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा से ही भक्तों के लिए यहाँ ठंडक है तथा जो पूरे मंदिर परिसर को भी ठंडा रखती है। पुजारी जी बताते हैं कि अक्‍सर ही गर्मियों में मंदिर का तापमान इतना गिर जाता है कि कंबल ओढ़ना पड़ता है।

टिटलागढ़ शिव मंदिर (Titlagarh Shiv Mandir) का रहस्य

टिटलागढ़ ओडिशा का सबसे गर्म स्थान है, जहाँ गर्मियों में कुम्हड़ा पहाड़ी पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक पहुँच जाता है। लेकिन यहाँ कुम्हड़ा पहाड़ी पर स्थित टिटलागढ़ शिव मंदिर (Titlagarh Shiv Mandir) के अंदर का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। यहाँ तक कि गर्मियों में रात्रि के समय भक्तों को ठंड से बचने के लिए कंबल ओढ़ने की आवश्यकता होती है।

वैज्ञानिकों ने इस मंदिर के रहस्य को सुलझाने के लिए कई प्रयास किए हैं, लेकिन वे अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुँचे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मंदिर में स्थापित भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियों से ठंडी हवा निकलती है, जो मंदिर को ठंडा रखती है।

टिटलागढ़ शिव मंदिर (Titlagarh Shiv Mandir) मंदिर की वास्तुकला

टिटलागढ़ शिव मंदिर (Titlagarh Shiv Mandir) प्राचीन भारतीय वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है। मंदिर का निर्माण पत्थरों से किया गया है और इसकी दीवारों पर सुंदर नक्काशी भी की गई है। मंदिर के अंदर एक शिवलिंग स्थापित है, जहाँ भक्तगण पूजा अभिषेक करते हैं। यह मंदिर न केवल अपनी अनूठी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसका धार्मिक महत्व भी बहुत अधिक है। हर साल महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ हजारों भक्त भगवान शिव की पूजा करने आते हैं।

टिटलागढ़ (Titlagarh) के अन्य आकर्षण

टिटलागढ़ में इस टिटलागढ़ शिव मंदिर (Titlagarh Shiv Mandir) के अलावा भी कई अन्य दर्शनीय स्थल हैं, जैसे,

  • कुम्हड़ा (कुमुडा) जलप्रपात
  • टिटलागढ़ किला
  • माँ घंटेश्वरी मंदिर
  • 64 योगिनी मन्दिर रेल्वे स्टेशन से लगभग २५ किलोमीटर दूरी पर पूर्व में रानीपुर झरियाल नामक जहाग स्थित है। साथ ही यहां कुछ दूरी पर पहाड़ी पर चक्रव्यूह भी निर्मित है जो कि ‘मैजिकल पाइंट’ के नाम से प्रसिद्ध है।

कैसे पहुंचे टिटलागढ़ (Titlagarh)

यह टिटलागढ़ शिव मंदिर उड़ीसा के बोलांगीर जिले में स्थित है। टिटलागढ़ की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय सर्दियों का मौसम है, उस समय यहाँ का मौसम सुहावना होता है।

यह टिटलागढ़ शिव मंदिर साल भर भक्तों के लिए खुला रहता है। यहां दर्शन करने के लिए कोई शुल्क नहीं है। आप यहां धर्मशाला में ठहर सकते हैं। अगर आप उड़ीसा घूमने जा रहे हैं तो टिटलागढ़  के इस अनोखे शिव मंदिर के दर्शन जरूर करें।

टिटलागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग ५९ पर स्थित है और या ओडिशा के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां टिटलागढ़ (Titlagarh) रेलवे स्टेशन भी है जो भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम और विशाखापत्तनम-रायपुर रेलवे मार्ग से भी जुड़ा हैं।

 

 

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